स्कोपलाइफ गुरुकुल की नई पहल: युवाओं के लिए वोकेशनल BBA व MBA आधारित प्रैक्टिकल मैनेजमेंट व स्किल प्रोग्राम की शुरुआत
लखनऊ / विशेष संवाददाता

पारंपरिक उच्च शिक्षा और बाजार की वास्तविक मांग के बीच बढ़ते फासले को पाटने के लिए स्कोपलाइफ गुरुकुल ने एक बड़ा कदम उठाया है। संस्थान ने युवाओं को सीधे इंडस्ट्री और स्वरोजगार के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से प्रैक्टिकल मैनेजमेंट व वोकेशनल स्किलिंग प्रोग्राम की औपचारिक शुरुआत की है। यह मॉडल पारंपरिक क्लासरूम थ्योरी तक सीमित न रहकर सीधे फील्ड ऑपरेशंस, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और आधुनिक मैनेजमेंट टूल्स पर केंद्रित है।
डिग्री के साथ 'ऑन-ग्राउंड' अनुभव का संगम
संस्थान के अनुसार, आज कॉरपोरेट और स्थानीय व्यापार क्षेत्र में केवल डिग्री की बजाय परिणाम देने वाले हुनर (स्किल्स) की मांग है। इसी जरूरत को देखते हुए इस वोकेशनल BBA व MBA आधारित प्रोग्राम को तैयार किया गया है।
प्रोग्राम के तहत विद्यार्थियों को निम्नलिखित 4 प्रमुख स्तंभों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा:
फील्ड सेल्स एवं डायरेक्ट बिजनेस ऑपरेशंस: कोल्ड कॉलिंग, क्लाइंट पिचिंग, नेगोशिएशन और ऑन-ग्राउंड सेल्स क्लोजिंग की सीधी ट्रेनिंग।
डिजिटल मार्केटिंग व ई-कॉमर्स सिस्टम: सोशल मीडिया विजिबिलिटी, लीड जेनरेशन, ऑनलाइन कैटलॉगिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रोडक्ट्स का प्रचार-प्रसार।
बिजनेस टूल्स व स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट: सूक्ष्म व मध्यम व्यवसायों के संचालन हेतु SWOT एनालिसिस (शक्तियां, कमजोरियां, अवसर और खतरे) तथा प्रभावी टीम मैनेजमेंट।
अकाउंटिंग, लीगल व टैक्स कंप्लायंस: जीएसटी (GST) चालान, बेसिक अकाउंटिंग, इनवॉइसिंग और आवश्यक वैधानिक नियमों की जमीनी समझ।
4-वर्षीय चरणबद्ध वोकेशनल रूपरेखा
संस्थान ने इस वोकेशनल मॉडल को 4 स्तरों में विभाजित किया है, ताकि छात्र बुनियादी स्तर से शुरुआत कर एंटरप्रेन्योरशिप के स्तर तक पहुंच सकें:
स्तर | अवधि | प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र | सीखने के परिणाम |
फाउंडेशन (बुनियादी) | प्रथम वर्ष | पब्लिक डीलिंग, कम्युनिकेशन, बेसिक सेल्स | फील्ड की हिचक दूर होना, आत्मविश्वास निर्माण |
ऑपरेशंस (परिचालन) | द्वितीय वर्ष | टीम लीडरशिप, डिजिटल वर्कफ्लो, इन्वेंट्री | टीम समन्वय, दैनिक ट्रैकिंग व रिपोर्टिंग |
स्ट्रैटेजी (रणनीतिक) | तृतीय वर्ष | SWOT एनालिसिस, बजटिंग, वेंडर डीलिंग | बिजनेस रणनीति और समस्या-समाधान क्षमता |
इन्क्यूबेशन (स्टार्टअप) | चतुर्थ वर्ष | स्वतंत्र प्रोजेक्ट, प्रोजेक्ट लॉन्च, कंप्लायंस | स्वयं का व्यवसाय शुरू करना या कॉरपोरेट लीडरशिप |
'अर्न व्हाइल यू लर्न' से आत्मनिर्भर बनेंगे युवा
इस पहल की सबसे खास बात इसका ‘अर्न व्हाइल यू लर्न’ (Earn While You Learn) दृष्टिकोण है। छात्र कोर्स के दौरान ही लाइव प्रोजेक्ट्स और फील्ड असाइनमेंट्स पर काम करेंगे, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव के साथ-साथ आर्थिक प्रोत्साहन भी मिलेगा।
संस्थान प्रबंधन का कहना है कि इस कार्यक्रम का लक्ष्य केवल नौकरी तलाशने वाले युवा तैयार करना नहीं, बल्कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर अपना डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क या स्वतंत्र व्यवसाय खड़ा करने के योग्य बनाना है।


